CBSE मान्यता प्राप्त स्कूल

बच्चे सिर्फ परिवार की ही नहीं, वरन् समाज एवं राष्ट्र की भी मूल्यवान धरोहर हैं | किन्तु योग्य कुम्भकार के बिना जैसे गीली मिट्टी सुन्दर पात्र नहीं बन सकती, वैसे ही संस्कार परक शिक्षा के बिना सुयोग्य छात्र का निर्माण नहीं हो सकता | वर्तमान प्रतिस्पर्धी माहौल में व्यवहारिक शिक्षा का स्तर उत्तम होने पर भी बालकों का नैतिक एवं भावात्मक विकास अवरुद्ध हो रहा है | एकल परिवार में उनके संस्करों की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है |

हालांकि बाल्यावस्था वह स्वर्णिम समय है, जब बच्चों में संस्कारों की अमिट छाप छोड़ी जा सकती है | फिर भी उम्र के इस मोड़ पर असामाजिक तत्त्वों या बुरे सहपाठियों की संगत हो जाए, तो जीवन की बर्बादी होते देर नहीं लगती| अतः इस पीढ़ी को सद्गुणों से सशक्त बनाने के लिए इस विद्यापीठ संकुल में ऐसे स्कूल का शुभारम्भ होने जा रहा है, जहाँ वे उच्चस्तरीय स्कूली शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक गुरुकुल में सुसंस्कारों की शिक्षा प्राप्त करते हुए एक समग्र, संतुलित एवं सुव्यवस्थित व्यक्तित्व विकसित कर सकेंगे और इस तरह श्रेष्ठ व्यक्तित्व के रूप में उभरकर संघ और परिवार का गौरव बढ़ायेंगे|

अपने बच्चों में आप पायेंगे शिक्षा ही नहीं, संस्कार भी...

 माता-पिता के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का भाव रहेगा

 उनकी आँखों में पवित्रता और संवेदना होगी

 बड़ों के प्रति आदर और छोटों के प्रति वात्सल्य होगा

 I.Q के साथ E.Q. और S.Q. का भी विकास होगा

 उन्हें पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों का एहसास होगा

 उनकी वाणी में विनम्रता और मधुरता रहेगी

जीवन में समय की कीमत व उसके प्रति प्रतिबद्धता होगी

सर्वांगीण विकास

विशेष सुविधाएँ

 नवीनतम तकनीक पर आधारित शिक्षा

 उच्च प्रशिक्षित शिक्षक

 पूज्य साधु-साध्वीजी भगवंतों की पावन निश्रा

 सुरम्य प्राकृतिक वातावरण

 अनुभवी एवं संस्कारी धार्मिक शिक्षक

 छात्र-छात्राओं के लिये सुविधायुक्त छात्रावास

 शुद्ध आहार एवं स्वच्छ आवास

विशाल पुस्तकालय

 योगा एवं ध्यान

 इनडोर एवं आउट डोर गेम्स

साधना आश्रम

साधना आश्रम सयंम जीवन एवं गृहस्थ जीवन के बीच का एक प्लेटफार्म है| यह उन सभी श्रावक-श्रविकाओं के लिए है, जो आत्मकल्याण की भावना से प्रेरित हैं, किन्तु कारणवश घर-परिवार में रहकर उचित धर्म आराधना नहीं कर पा  रहे हैं|

ऐसे साधकों के लिए शहर के कोलाहल से दूर शांत, सुरम्य प्रकृति के बीच तथा श्रीकैवल्यधाम तीर्थ के सन्निकट बसा विचक्षण विद्यापीठ एक सुन्दर विकल्प होगा| यहाँ स्थायी अथवा अस्थायी  रूप से रहते हुए वे अपनी शारीरिक क्षमता  एवं साधना रूचि के अनुरूप आत्मकल्याण के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा सकेंगे | आत्मकल्याण के साथ-साथ संघ सेवा के कार्यों में भी योग्यता के अनुरूप जुड़ सकेंगे, जैसे - पर्यूषणादि  पर्वों में स्वाध्यायी सेवा, शिविर अध्यापन, पुस्तक लेखन आदि |

यहाँ सभी को धार्मिक व आध्यात्मिक माहौल तो मिलेगा ही, साथ ही सात्विक मनोरंजन एवं स्वास्थ्य सुविधा भी मिलेगी | वे सांसारिक परिवार से दूर रहकर भी आध्यात्मिक परिवार की प्राप्ति करेंगे | अंत समय में समभावपूर्वक देहत्याग हेतु समाधि मरण की समुचित आराधना भी कराई जाएगी| इसमें एकल साधकों  के साथ-साथ दम्पत्ति एवं कुटुम्ब भी सादर आमंत्रित हैं |

नियमित आराधना

 सामूहिक प्रार्थना

 परमात्म पूजा

 आध्यात्मिक प्रवचन

 भाव आलोचना

 भाव प्रतिक्रमण

 कायोत्सर्ग साधना

 संगीतमय भक्ति

 योग एवं ध्यान प्रयोग

 आत्मलक्षी स्वाध्याय

 तत्त्वज्ञान अभ्यास

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विशेष सुविधाएँ

 भव्य जिनालय

 धार्मिक पुस्तकालय

 साधक परिवार का अनुपम संग

 ध्यान एवं योग

 श्रावक आराधना हाॅल

 श्राविका आराधना हाॅल

 विशाल सभागार

 साधना कुटीर

 खूबसूरत बागीचे एवं पाथ वे

 स्वास्थ्य अनुकूल वातावरण

 स्वास्थ्य सेवा

 सुसज्जित साधक निवास (1 BK, 1 BHK, 2 BHK)

धार्मिक गुरुकुल

यह विभाग जैनधर्म की शिक्षाओं एवं प्रयोगों को जन-जन तक पहुँचाने का नव अभियान है| इसके अंतर्गत विभिन्न पाठ्यक्रमों के संचालन द्वारा प्रतिवर्ष अनेक जैन-जैनेतर प्रतिभाओं को निखारा जायेगा| शिक्षार्थी स्वयं की धर्म सम्बन्धी अपूर्णताओं को दूर करेंगे ही, साथ ही यदि वे भावना रखते हों, तो संघसेवा द्वारा उचित आजीविका की व्यवस्था भी कर सकेंगे |

इस धार्मिक गुरुकुल का लाभ स्कूली बालक-बालिकाओं एवं साधना केन्द्र के साधक-साधिकाओं को तो नियमित रूप से मिलेगा ही, साथ ही धर्म जिज्ञासुओं को भी मिलेगा | इस गुरुकुल में अध्ययनरत छात्र - छात्राओं को आकर्षक स्कॉलरशिप के साथ-साथ मुफ्त भोजन एवं आवास की व्यवस्था भी दी जायेगी|

अल्प एवं दीर्घकालीन पाठ्यक्रम

बाल, युवा एवं प्रौढ़ सभी के लिए

 जैन धर्म के निष्णात विद्वानों को तैयार करना

 साधु-साध्वीजी भगवन्तों के अध्यापन हेतु पंडितरत्न तैयार करना

 धार्मिक पाठशालाओं एवं बाल शिविरों के लिए योग्य शिक्षक तैयार करना

 धार्मिक महोत्सव हेतु संचालक प्रशिक्षण देना

 B.A, M.A, Ph.D. के छात्रों को ज्ञानार्जन हेतु सुविधा देना

 पर्युषण आदि पर्व आराधना हेतु स्वाध्यायी प्रशिक्षण देना

 शुद्ध विधि-विधानों के लिए विधिकारकों को प्रशिक्षण देना

 भावपूर्ण प्रासंगिक भक्ति गीतों के लिए सुमधुर संगीतकारों को तैयार करना

 जिनालयों की आशातना टालने हेतु पुजारियों का निर्माण करना

विचक्षण जैन विद्यापीठ परिसर

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  Main Gate

  Girls Hostel

  Temple

  Sadhak Apartment (2BHK)

 Small Play Ground

  School Building

  Mess

  Sadhak Niwas (1BHK)

  Staff Quarter

  Track Field

  Boys Hostel

 Gurukul Building

 Sadhak Apartment (1BHK)

  Big Play Ground

नींव के पत्थर

जिनका अमूल्य सहयोग विचक्षण जैन विद्यापीठ के स्वप्न को साकार करने का संबल बना मुख्य भूमि प्रदाता

स्व. श्री आईदानजी आसीबाई जी

पुत्र - श्री जीवनलाल‚ राकेश कुमार‚ दिलीप कुमार‚ प्रदीपकुमार‚ संजय कुमार‚ अजयकुमार‚एवं समस्त लोढ़ा परिवार‚ धमतरी

स्व. श्री नेमीचंद जी भंवरीबाई जी

पुत्र - श्री श्यामसुंदर‚ किसनचंद‚ नरेश कुमार‚ धर्मवीर एवं समस्त बैदमूथा परिवार‚रायपुर

स्व. श्री भंवरलाल जी चंद्रीबाई जी

पुत्र - श्री टोडरमल‚ सुरेशचंद्र‚ अशोकचंद‚ विजयचंद‚ अजित कुमार एवं समस्त कांकरिया परिवार सुमीत ग्रुप‚रायपुर

पावन आशीर्वाद

 

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प. पू. मधुरभाषी आ. भ. श्रीमज्जिन
पीयूषसागरसूरीश्वरजी म. सा.

 

 

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प.पू.खरतरगच्छाधिपति श्रीमज्जिन
मणिप्रभसागरसूरीश्वरजी म.सा.

 

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प.पू. सरल स्वभावी आ. भ. श्रीमज्जिन
पूर्णानंदसागरसूरीश्वरजी म. सा.

 

पावन प्रेरणा

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प.पू. अध्यात्मयोगी श्री महेन्द्रसागर जी म.सा.

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प.पू. युवा मनीषी श्री मनीषसागर जी म.सा.

आदि ठाणा

समन्वय साधिका पूज्या प्रव. महो. श्री विचक्षणश्रीजी म.सा. की विदुषी शिष्या मरुधरज्योति पूज्या श्री मणिप्रभाश्रीजी. म.सा. आदि ठाणा

मार्गदर्शन

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जिनशासन रत्न प्राणिमित्र श्री कुमारपाल भाई  वि.शाह

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आगमज्ञाता डॉ. (प्रो.) सागरमल जी जैन