6. साधकों को किस-किस प्रकार की साधनायें करवाई जायेंगी ?

सामायिक
पूजा
दर्शन व आरती – सुबह-शाम
प्रतिक्रमण – सुबह-शाम
माला/जाप – 2/3 बार
स्वाध्याय – 2/3 बार
ध्यान – 2/3 बार
बड़ी पूजा/तीर्थ यात्रा आदि – अवसर अनुसार
ज्ञानवर्धक गोश्ठी – अवसर अनुसार
(सेमिनार/कान्फ्रेन्स/ळक्/व्याख्यान माला इत्यादि)