पृष्ठभूमि (Background)

A Complete Life Management

 

जीवन-प्रबंधन (Life Management ) विषय का बीजारोपण सन् 2006 में प.पू. अध्यात्मयोगी श्री महेन्द्रसागर जी म.सा., प. पू. युवामनीषी श्री मनीषसागर जी म. सा. आदि ठाणा के द्वारा हुआ | बालाघाट, दुर्ग, रायपुर आदि क्षेत्रों में विचरण के दौरान उनका परिचय अनेक सफल व्यक्तियों से हुआ, पर वे बाहर से सुखी प्रतीत होते हुए भी अंदर से असंतुष्ट व निराश थे | जब म.सा. ने इस स्थिति के मूल कारणों को खोजने का प्रयास किया, तो उनके समक्ष ऐसे कुल ग्यारह विषय आए, जिन्हें सुव्यवस्थित (Manage) कर लेने से कोई भी व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में संतोषजनक परिणाम प्राप्त कर सकता है |

अतएव म. सा. ने इस पर अनुसंधान (Research) प्रारंभ कर दिया | विविध विषयों के विशेषज्ञ - प्रोफेसर, डॉक्टर, सी. ए., इंजीनियर, वकील, सलाहकार, प्रबंधक, विचारक, साधक आदि से विचार-विमर्श हुआ | प्राचीन शास्त्रों का भी गहन अध्ययन किया | इस बीच प. पू. श्री मनीषसागर जी म. सा. ने आदरणीय डॉ. सागरमल जी जैन के मार्गदर्शन में शाजापुर, इन्दौर आदि स्थानों पर रहकर 'जीवन प्रबंधन के तत्त्व' (The Elements of Life Management) विषय पर शोध-उपाधि भी प्राप्त की! इसी विषय को शिविर के माध्यम से जन- समुदाय के समक्ष भी रखा जाता रहा है, जिससे लोगों को अत्यधिक लाभ हुआ है |

अब इसी विषय को कोर्स (पाठ्यक्रम) के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे सभी लोग लाभान्वित हो सकें | यह कोर्स युवा एवं प्रौढ़, पुरुष एवं महिलाओं सभी के लिए लाभप्रद होगा एवं इनके व्यावहारिक जीवन ही नहीं, अपितु आध्यात्मिक जीवन के विकास के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा | अतः सभी के समग्र, संतुलित एवं सुव्यवस्थित जीवन विकास के लिए प्रस्तुत है यह कोर्स .......