Overall Development At VJV

प्र: 1    बच्चों के अंतरंग विकास के लिए विचक्षण जैन विद्यापीठ स्कूल में किस प्रकार से शिक्षा दी जाएगी?

उत्तर    विचक्षण जैन विद्यापीठ स्कूल में पूज्य गुरुभगवंतों/निष्णात विद्वानों का अनवरत सानिध्य मिलेगा। इनके द्वारा नियमित रुप से नैतिक‚ धार्मिक एवं आध्यात्मिक शिक्षाएँ दी जाएगी। जिसके अंतर्गत तत्त्वज्ञान‚ जीवन प्रबन्धन आदि से संबंधित स्वाध्याय‚ परमात्म-भक्ति एवं ध्यान आदि समुचित रुप से वय के अनुसार क्रमशः नियमित पढ़ाये जाएंगे। यह शिक्षा भी परोक्ष रुप से बच्चों के समग्र जीवन विकास का एक महत्त्वपूर्ण अंग बनेगी‚ क्योंकि इससे ही बच्चों में सरलता‚ सहनशीलता‚ संवेदनशीलता आदि गुणो का विकास होता है।

प्र: 2    विचक्षण जैन विद्यापीठ स्कूल में अन्य क्या सुविधाएं रहेंगी ?

उत्तर     स्कूल में बालक-बालिकाओं के विकास के लिए आवश्यक समुचित सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी‚ जैसे- स्मार्ट क्लासेस‚ स्टुडेंट्स मैग्जीन‚ ट्युटोरियल क्लासेस इत्यादि।

प्र: 3    बच्चों की मानसिक समस्याओं को सुलझाने हेतु क्या विचक्षण जैन विद्यापीठ में कोई व्यवस्था है ?

उत्तर     हाँ! छात्र जीवन प्रतिस्पर्धी माहौल से युक्त होता है‚ जिससे बच्चों में ईर्ष्या‚ हीनभावना‚ अधीरता‚ अनियंत्रित आवेश‚ लोक-प्रवाह के साथ बहाव आदि तथा परिवार‚ टीचर्स‚ बच्चों के साथ रहते हुए अन्य भी आने वाली भावात्मक/मानसिक परेशानियों से उनका मन सदैव तनाव‚ अवसाद आदि से घिरा रहता है‚ अतः इस मानसिक परेशानियों को दूर करने के लिए विचक्षण जैन विद्यापीठ कैम्पस में मॉरल/स्प्रिच्युअल काउंसलर की व्यवस्था रहेगी।

प्र: 4    विचक्षण जैन विद्यापीठ स्कूल में किन-किन स्पोर्टस एवं गेम्स की सुविधा उपलब्ध रहेगी ?

उत्तर     बास्केटबॉल‚ वॉली बॉल‚ क्रिकेट, फुटबॉल‚ टेबल टेनिस‚ हेंड-बॉल‚ डिस्कसथ्रो‚ आदि की सुविधा रहेगी। इस हेतु योग्य एवं प्रशिक्षित कोचेस की सेवा ली जाएगी। योगा एवं व्यायाम भी विचक्षण जैन विद्यापीठ स्टुडेंट्स के लिए नियमित दिनचर्या का एक हिस्सा होगा।

प्र:  5      विचक्षण जैन विद्यापीठ स्कूल में Remedial classes की सुविधा रहेगी ?

उत्तर     विचक्षण जैन विद्यापीठ का मानना है कि हर बच्चे के व्यक्तित्व में कुछ विशेषताएँ एवं कुछ कमियाँ विद्यमान रहती हैं‚ विचक्षण जैन विद्यापीठ का लक्ष्य उनकी विशेषताओं को ऊँचाई प्रदान करना और कमियों को दूर करना है। अतः उसकी शैक्षणिक कमियों का आकलन एवं उसके निराकरण हेतु Teaching staff, Specialized teachers एवं Senior students की समुचित व्यवस्था रहेगी।

प्र: 6    कई बच्चे अपने कैरियर को Select करने में दिक्कत महसूस करते हैं‚ वे तय नहीं कर पाते कि मुझे किस दिशा में आगे बढ़ना है‚ क्या इस हेतु भी विचक्षण जैन विद्यापीठ में कोई व्यवस्था हैं ?

उत्तर     विचक्षण जैन विद्यापीठ में शिक्षा का प्रारुप ही कुछ इस प्रकार से रहेगा कि 10वीं तक आते-आते बच्चे का डिसीजन पॉवर/आत्म विश्वास इस कदर बढ़ जाएगा कि वह स्वयं अपने भविष्य का निर्णय कर सकेगा‚ आवश्यकता पड़ने पर केरियर संबंधी गाइडेंस भी केरियर स्पेशलिस्ट काउंसलर के द्वारा दिया जाएगा।

प्र: 7     क्या बच्चों के लिए आगे जाकर CA foundation, IIT Entrance एवं PMT, PET आदि कक्षाएं भी होगी ?

उत्तर     हाँ ! हाईस्कूल और हायर सेकेन्ड्री के बच्चों को कौम्पिटेटिव एग्जामस् की तैयारी‚ प्रोफेशनल्स तथा online/offline ट्यूटोरियल क्लासेस के माध्यम से कराने का प्रावधान विचक्षण जैन विद्यापीठ में रखा गया है।

प्र: 8     बच्चों की धार्मिक शिक्षा की व्यवस्था क्या रहेगी ?

उत्तर     विचक्षण जैन विद्यापीठ का मूल उद्देश्य बच्चों में व्यावहारिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं नैतिक मूल्यों का समावेश कराना है‚ इस हेतु बच्चों को सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक धार्मिक शिक्षा नियमित रूप से प्रदान की जाएगी‚ जो कि सुव्यवस्थित पूर्व निर्धारित पाठ्यक्रम का हिस्सा होगी।

प्र: 9    साधना आश्रम और गुरुकुल से बच्चों को क्या लाभ होगा ?

उत्तर     बच्चें‚ बुर्जुगों‚ साधकों‚ विद्वानों के सम्पर्क में रहेंगे तो वे उनके अनुभव से अपने जीवन को संवार पाएंगे तथा एक-दूसरे की भावनाओं‚ दिक्कतों को समझने का अवसर मिलने से जनरेशन गेप की जो तकलीफ आती है वे भी समाप्त होगी। बालकों में बुर्जुगों‚ विद्वानों और धर्म के प्रति प्रेम‚ श्रद्धा‚ सम्मान बढेगा‚ जिससे सभी वर्ग के तथा विभिन्न स्वभाव के व्यक्तियों को साथ में ले सब की भावनाओं का सम्मान करना वे सीख पाएंगे।

अंततः हम यही कहना चाहेंगे कि विचक्षण जैन विद्यापीठ की तीनों विंग्स एक दूसरे के पूरक रहेंगे‚ जिससे जब‚ जिसे‚ जिसकी आवश्यकता पडे वे उपलब्ध होकर एक दूसरे को आगे बढाने में सहयोगी बन सकेंगे।

प्र: 10              आप नैतिक मूल्यपरक शिक्षा बच्चों के जीवन में जीवंत कैसे करेंगे ?

उत्तर     नैतिक मूल्यपरक शिक्षा बच्चों के जीवन में जीवंत करने हेतु एक सुव्यवस्थित निर्धारित पाठ्यक्रम बनाया गया है‚ जिन्हें बच्चों की दैनिक कक्षाओं के साथ संलग्न किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त बाहरी रुप से पवित्र वातावरण‚  कर्त्तव्यों के प्रति सजगता‚ सात्विक जीवन‚ सेवा-सहयोग की भावना को बढ़ाने वाला करिकुलम‚ पूज्य गुरु भगवंतों एवं चरित्रनिष्ठ विद्वानों द्वारा समय-समय पर लगाए जाने वाले शिविर/सेमिनार/सदुपदेश आदि‚ सात्विक आहारी-शिक्षक‚ अभक्ष्य वस्तुओं का निषेध‚ भक्ति‚ स्वाध्याय‚ अनुप्रेक्षा (Deep and Repeated thinking on the subject) आदि के माध्यम से भी नैतिक शिक्षा बच्चों के जीवन में आ पाएगी।

साथ ही पैरेंट्स के नैतिक/धार्मिक/आध्यात्मिक विकास हेतु समय-समय पर शिविर लगेंगे‚ जिससे बच्चों को परिवार के माध्यम से भी संस्कारी माहौल मिल सके।